Application for Fee Concession in Sanskrit शुल्क मुक्ति के लिए प्रार्थना पत्र संस्कृत में

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संस्कृत भाषा संसार की सबसे प्राचीन भाषा है।। संस्कृत ऐतिहासिकता की दृष्टि से संसार की सभी भाषाओं की जननी है। संसार के सभी प्राचीन ऋषियों व पूर्वजों की मातृ भाषा संस्कृत थी | यह भाषा भारत कि नहीं अपितु विश्व की श्रेष्ठतम भाषा में से एक मानी जाती है | अतः प्रत्येक भारतीय को अपनी प्राचीनतम भाषा संस्कृत का अध्ययन अवश्य ही करना चाहिए |

आज इस पोस्ट में हम फीस माफी के लिए प्रार्थना पत्र लिखना सीखेंगे |

Shulk Mukti Hetu Aavedan Patra in Sanskrit

शुल्कक्षमापनार्थं प्रधानाचार्यं प्रति पत्रम्

सेवायाम्
प्रधानाचार्य महोदया:
केन्द्रीय विद्यालय:
आर. के. पुरम्, सैक्टर: चतुर्थ:
नव-दिल्ली 110022

विषय: – शुल्कक्षमापनार्थं निवेदनम्

मान्यवरा : महोदयाः,
सविनय निवेदनमस्ति यत् अहं भवतः विद्यालये दशमकक्षाया: ‘स’ वर्गस्य छात्र अस्मि | मम पिता एकस्मिन् विद्यालये द्वारपाल अस्ति । तस्य मासिकवेतनम् द्विसहस्ररूप्यकमात्रम् अस्ति | अस्माकं कुटुम्बे पञ्च सदस्या: सन्ति। अनेन वेतनेन कुटुम्बस्य निर्वाह: काठिन्येन भवति । अत: शुल्कक्षमापनार्थं प्रार्थये |

आशासे यत् मदीयाम् इमां प्रार्थनां स्वीकृत्य शुल्कक्षमापनद्वारा माम् उपकरिष्यन्ति श्रीमन्तः |

धन्यवादा:

भवतां विनीत: शिष्य:
सुरेन्द्रः
कक्षा 10
वर्ग: स

दिनाङ्क: २२/१२/२०२२

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