save your money from cyber fraud त्योहार के समय बचें फेक ऑफर्स से

save your money from cyber fraud त्योहार के समय बचें फेक ऑफर्स से

दीपावली के त्योहार को देखते हुए ई-कामर्स प्लेटफार्म पर विभिन्न कंपनियों द्वारा तरह-तरह के लुभावने आफर्स दिए जा रहे हैं, लेकिन इनके बीच जालसाज भी सक्रिय हैं, जिनसे बचना बड़ी चुनौती है। ठग फेक आफर्स के साथ कई तरीकों से लोगों को लुभाने की कोशिश करते हैं। आपके पास भी प्रलोभन देने वाले मैसेज और ईमेल आ रहे होंगे। इनसे संभलकर रहने की जरूरत है, नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता है। यहां जानें किस तरीके से जालसाज फंसाने को कोशिश कर सकते हैं. और कैसे इससे बचा जा सकता है…..

जालसाजों से रहें सावधान

ईन दिनों जालसाजों ने आपके बैंक खाते से पैसे ठगने के नये-नये तरीके खोज लिए हैं। स्कैमर्स इंटरनेट इंजीनियरिंग के हथकंडों का इस्तेमाल कर लोगों को अपनी बैंकिंग की गोपनीय एवं व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के लिए लुभा रहे हैं। इसके लिए वे लोगों को अत्यधिक लुभावने आफर्स, मदद करने का लालच या फिर धमकी देकर फंसाने को कोशिश के लिए डिजिटल प्लेटफार्म के उपयोग में तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि इससे ग्राहकों की सुविधा तो बढ़ी है, लेकिन जालसाज भी पैसे ठगने के लिए इसी डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल करने लगे हैं। जैसे जैसे वित्तीय लेन-देन करना ज्यादा आसान हुआ है, वैसे-वैसे ग्राहकों को ठगने की कोशिशों में भी उतनी ही बढ़ोत्तरी हुई है। इन लोगों में टेक्नो-फाइनेंशियल तरीकों को समझने वाले भी शामिल हैं और वे भी शामिल है जो इससे ज्यादा परिचित नही है l

कैसे शुरू होता है खेल

आमतौर पर ग्राहकों को अवांछित काल, टेक्स्ट मैसेज, ईमेल आदि मिलते हैं, जिनमें एक लिंक द्वारा ग्राहकों से अपने बैंक खाते, लागइन की जानकारी, कार्ड की जानकारी, पिन और ओटीपी देने के लिए कहा जाता है। कभी-कभी पीड़ित के फोन का नियंत्रण पाकर उसकी गोपनीय जानकारी चुराने के लिए असत्यापित मोबाइल एप्स का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे हमलों में ये ढंग बैंकर / बीमा एजेंट/स्वास्थ्य कर्मी/सरकारी अधिकारी या स्थानीय दुकानदार बनकर ग्राहकों को काल करते हैं या उनसे संपर्क करते हैं। वे नाम / जन्म की तारीख आदि विवरण साझा करके इन क्रेडेंशियल्स की पुष्टि कराते हैं और विश्वास हासिल करते हैं। इसके बाद वे महत्वपूर्ण और आवश्यक सेवा प्रस्तुत करते हैं। वे ग्राहकों को सेवा के बदले भुगतान करने के लिए कस्टमाइज्ड पेमेंट लिंक भी भेजते हैं। कुछ मामलों में ये ठग इमरजेंसी, खाता ब्लाक होने आदि का हवाला देकर ग्राहकों पर गोपनीय जानकारी साझा करने का दबाव डालते हैं। इसके बाद इन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की जाती है।

इन तरीकों से फंसाते हैं ठग

फिशिंग लिंक: जालसाज थर्ड पार्टी वेबसाइट बनाते हैं, जो असली वेबसाइट की तरह दिखती है। इसके बाद इस वेबसाइट के लिंक टेक्स्ट मैसेज, ईमेल और इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म्स द्वारा साझा किए जाते हैं। जब ग्राहक इन लिंक्स पर क्लिक करते हैं, तो वे फिशिंग वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जहां उन्हें व गोपनीय जानकारी देने के लिए लुभाया इ जाता है। इस जानकारी का उपयोग पैसे चुराने के लिए किया जाता है।

फोन में पासवर्ड और अन्य गोपनीय जानकारियां सेव करके न रखें।

सिम स्वैप/सिम क्लोनिंग फ्राड:

आपके खाते की ज्यादातर डिटेल्स और आथेंटिकेशन के मैसेज आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़े होते हैं, इसलिए जालसाज सिम कार्ड की एक्सेस पाने की कोशिश करते कभी-कभी वे क्लोन करके डुप्लीकेट सिम कार्ड बना लेते हैं और इन डुप्लीकेट सिम पर ओटीपी प्राप्त करके डिजिटल ट्रांसफर कर लेते हैं। जालसाज आमतौर पर मोबाइल सर्विस कंपनी का अधिकारी बनकर ग्राहकों को काल करते हैं और सिम कार्ड को मुफ्त में अपग्रेड करने के लिए उनका विवरण मांगते हैं।

क्या क्या सावधानी वरतें–

अज्ञात कालर्स के साथ सिम कार्ड से संबंधित विवरण साझा न करें। यदि आपके फोन में लंबे समय तक मोबाइल नेटवर्क न आए, तो सतर्क हो जाएं और अपने मोबाइल आपरेटर को काल करके इस बात की पुष्टि कर लें कि कहीं आपके नंबर पर कोई डुप्लीकेट सिम तो जारी नहीं की गई है।

सबसे मुख्य बात किसी अज्ञात व्यक्ति को जिसे आओ पर्सनल नही जानते हो तो उसके साथ कोई विवरण जैसे आधार कार्ड , पेन कार्ड, ओटीपी, खाता संख्या, जन्म तिथि, आदि साझा ना करें

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