UP Board class 11 hindi solution: हिन्दी गद्य का इतिहास

UP Board class 11 hindi solution: हिन्दी गद्य का इतिहास महत्वपूर्ण प्रश्न

हिंदी - 11 गद्य-गरिमा

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न


प्रश्न 1– मेरठ और दिल्ली के आस-पास बोली जाने वाली खड़ी बोली का साहित्यिक रूप क्या कहलाता है?
उत्तर — मेरठ और दिल्ली के आस-पास बोली जाने वाली खड़ी बोली के साहित्यिक रूप को ‘हिन्दी’ कहते हैं ।। ।।
प्रश्न 2 — हिन्दी की कितनी उपभाषाएँ हैं?
उत्तर — हिन्दी की उपभाषाएँ ब्रजभाषा, खड़ीबोली, बुन्देली, हरियाणवी, कन्नौजी, अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी, भोजपुरी, मैथिली, राजस्थानी एवं पहाड़ी हैं ।।
प्रश्न 3 — पूर्ववर्ती गद्य के हिन्दी साहित्य को कितने वर्गों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर — पूववर्ती गद्य के हिन्दी साहित्य को मुख्यत: चार वर्गों में बाँटा जा सकता है – (1) राजस्थानी गद्य, (2) मैथिली गद्य,
ब्रजभाषा का गद्य और (4) खड़ीबोली का प्रारम्भिक गद्य ।।
प्रश्न 4 — हिन्दी की आठ बोलियों के नाम बताइए ।।
उत्तर — हिन्दी की आठ बोलियाँ हैं- ब्रजभाषा, खड़ी बोली, बुन्देली, हरियाणवी, कन्नौजी, बघेली, अवधी एवं छत्तीसगढ़ी ।।
प्रश्न 5 — गद्य एवं पद्य में मुख्य अन्तर क्या हैं?
उत्तर — गद्य मुख्यत: छन्दमुक्त वाक्यों में की गई रचना होती है, जबकि पद्य लयबद्ध या छन्दोबद्ध रचना होती है ।। यति, गति, लय, पद्य, लेखक के सहायक तत्व होते हैं, जबकि गद्य लेखक के लिए विराम-चिह्न सहायक तत्व सिद्ध होते हैं ।।
प्रश्न 6 — ब्रजभाषा के गद्य की दो रचनाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर — ब्रजभाषा गद्य की दो रचनाएँ श्रृंगार-रस-मण्डन तथा दो सौ बावन वैष्णवन की वार्ता हैं ।।


प्रश्न 7 — ब्रजभाषा के सबसे प्राचीन मौलिक ग्रन्थ का नाम बताइए ।।
उत्तर — ब्रजभाषा का सबसे प्राचीन मौलिक ग्रन्थ गोरखनाथ कृत ‘गोरखसार’ माना जाता है ।।
प्रश्न 8 — मैथिली गद्य का प्राचीनतम उपलब्ध ग्रन्थ कौन-सा है?
उत्तर — मैथिली गद्य का प्राचीनतम उपलब्ध ग्रन्थ ज्योतिरीश्वरकृत ‘वर्ण-रत्नाकर’ है ।।
प्रश्न 9 — ब्रजभाषा के गद्य साहित्य को कितने वर्गों में बाँटा जा सकता है?
उत्तर — ब्रजभाषा के गद्य साहित्य को मुख्यत: तीन वर्गों में बाँटा जा सकता है- (1) मौलिक ग्रन्थ, (2) टीका-साहित्य और (3) अनूदित ग्रन्थ ।।
प्रश्न 10 — राजस्थानी गद्य की प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर — राजस्थानी गद्य की प्रमुख रचनाएँ आराधना, अतिचार एवं बाल-शिक्षा आदि हैं ।।

प्रश्न 11 — हिन्दी की प्रथम पत्रिका कौन-सी है? यह कब व कहाँ से प्रकाशित हुई?
उत्तर — हिन्दी की प्रथम पत्रिका ‘उदन्त-मार्तण्ड’ हैं ।। यह सन् 1826 ई० में कानपुर से प्रकाशित हुई ।।
प्रश्न 12 — ‘सत्यार्थ प्रकाश’ तथा ‘भाषा योगवाशिष्ठ’ के लेखकों का नाम बताइए ।।
उत्तर — ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के लेखक स्वामी दयानन्द सरस्वती तथा ‘भाषा योगवाशिष्ठ’ के लेखक रामप्रसाद निरंजनी हैं ।।
प्रश्न 13 — मुंशी सदासुखलाल की भाषा की विशेषताएँबताइए ।।
उत्तर — मुंशी सदासुखलाल की भाषा परिमार्जित तथा फारसी शैली से प्रभावित है ।।
प्रश्न 14 — भारतेन्दु युग से पूर्व किन दो राजाओं ने हिन्दी गद्य के निर्माण में योगदान दिया?
उत्तर — भारतेन्दु युग से पूर्व राजा शिवप्रसाद ‘सितारेहिन्द’ तथा राजा लक्ष्मण सिंह ने हिन्दी गद्य के निर्माण में योगदान दिया ।।


प्रश्न 15 — ‘विलफोर्स एक्ट’कब पास हुआ? ।।
उत्तर — सन् 1813 ई० में ‘विलफोर्स एक्ट’ पास हुआ ।।
प्रश्न 16 — खड़ी बोली के गद्य की सबसे पहली रचना कौन-सी है?
उत्तर — खड़ीबोली के गद्य की सबसे पहली रचना जटमल कृत ‘गोरा बादल की कथा’ है ।।
प्रश्न 17 — कलकत्ता स्थित फोर्ट विलियम कॉलेज के उन दो हिन्दी-शिक्षकों के नाम लिखिए, जिन्हें खड़ी बोली गद्य का
प्रारम्भिक उन्नायक माना जाता है ।।
उत्तर — कलकत्ता स्थित फोर्ट विलियम कॉलेज के दो हिन्दी-शिक्षकों लल्लूलाल तथा सदल मिश्र को खड़ी बोली गद्य का प्रारम्भिक उन्नायक माना जाता है ।।
प्रश्न 18 — इंशा अल्ला खाँ,रामप्रसाद निरंजनी एवं लल्लूलाल की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम लिखिए ।।
उ०इंशा अल्ला खाँ, रानी केतकी की कहानी रामप्रसाद निरंजनी , भाषा योगवाशिष्ठ लल्लूलालm प्रेमसागर

UP Board class 11 hindi solution: हिन्दी गद्य का इतिहास
प्रश्न 19 — सदल मिश्र व इंशा अल्ला खाँकी भाषा-शैली में अन्तर बताइए ।।
उत्तर — इंशा अल्ला खाँ की रचनाएँ शुद्ध खड़ी बोली में लिखी गई है, फिर भी कहीं-कहीं फारसी शैली का प्रभाव परिलक्षित होता है ।। इनकी भाषा मुहावरेदार तथा हास्य से परिपूर्ण है ।। सदल मिश्र जी की भाषा अधिक स्पष्ट, व्यवहारोपयोगी तथा सुधरी हुई है ।।
प्रश्न 20 — खड़ी बोली गद्य के प्रसार में ईसाई मिशनरियों का क्या योगदान रहा?
उत्तर — ईसाई मिशनरियों ने हिन्दी गद्य के विकास में अधिक योगदान दिया, इन्होंने ईसाई धर्म के प्रचार के लिए ‘बाईबिल’ एवं अन्य ग्रन्थों का हिन्दी में अनुवाद करवाया ।।


प्रश्न 21 — प्रगतिवादी युग के प्रथम वर्ग के साहित्यकारों के नाम बताइए ।।
उत्तर — प्रगतिवादी युग के प्रथम वर्ग के साहित्यकार- दिनकर, शांतिप्रिय द्विवेदी, यशपाल, हजारीप्रसाद द्विवेदी, भगवतीचरण वर्मा, जैनेन्द्र, वासुदेवशरण अग्रवाल आदि हैं ।।
प्रश्न 22 — शुक्ल युग की प्रमुख पत्रिकाओं के नाम बताइए ।।
उत्तर — शुक्ल युग की प्रमुख पत्रिकाएँ साहित्य-सन्देश, कर्मवीर, सरोज, हंस, आदर्श/मौजी आदि हैं ।।
प्रश्न 23 — शुक्ल युग की कृतियों में प्रयुक्त शैली कौन-सी है?
उत्तर — इस युग की कृतियों में मुख्य रूप से गवेषणात्मक, भावात्मक, व्यंग्यात्मक, विवेचनात्मक व विवरणात्मक शैली प्रयोग की गई ।।
प्रश्न 24 — शुक्ल युग में कौन-सी विधाएँ विकसित हईं?
उत्तर — शुक्ल युग को कहानी, निबन्ध, उपन्यास, आलोचना, संस्मरण, रेखाचित्र, रिपोर्ताज, आत्म-कथा, जीवनी, पत्र साहित्य, यात्रा वृत्त व डायरी आदि गद्य विधाएँ विकसित हुई ।।

प्रश्न 25 — शुक्ल युग को अन्य किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर — शुक्ल युग को छायावादी युग, प्रसाद युग, प्रेमचन्द युग आदि नामों से भी जाना जाता है ।।
प्रश्न 26 — शुक्ल युग के प्रमुख गद्यकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — शुक्ल युग के प्रमुख गद्यकार हैं- पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी, डॉ० रघुबीर सिंह, रामचन्द्र शुक्ल, जयशंकर प्रसाद, गुलाबराय, हजारीप्रसाद द्विवेदी आदि ।।

प्रश्न 27 — हिन्दी गद्य की उर्दू तथा संस्कृतप्रधान शैलियों के पक्षधर दो राजाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर — राजा शिवप्रसाद ‘सितारेहिन्द’ हिन्दी गद्य के उर्दू तथा राजा लक्ष्मण सिंह हिन्दी गद्य के संस्कृत शैली के पक्षधर थे ।।
प्रश्न 28 — भारतेन्दु के सहयोगी किन्हीं दो लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रतापनारायण मिश्र तथा पं० बालकृष्ण भट्ट भारतेन्दु के सहयोगी लेखक थे ।।

प्रश्न 29 — भारतेन्दु युग में प्रकाशित होने वाली हिन्दी की एक प्रमुख पत्रिका व उसके सम्पादक का नाम लिखिए ।।
उत्तर — भारतेन्दु युग में प्रकाशित होने वाली हिन्दी की प्रमुख पत्रिका ‘कवि-वचन सुधा’ है ।। इसके सम्पादक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी थे ।।
प्रश्न 30 — हिन्दी खड़ी बोली गद्य के विकास में भारतेन्दु हरिश्चन्द्र का योगदान लिखिए ।।
उत्तर — भारतेन्दु हरिश्चन्द्र जी ने पहली बार अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए साधारण बोलचाल के शब्दों को हिन्दी में स्थान दिया ।। भारतेन्दु युग का गद्य अत्यन्त सजीव एवं सशक्त है ।। इस युग के साहित्यकारों ने काव्य के लिए बज्रभाषा’ व गद्य के लिए ‘खड़ी बोली’ को अपनाया ।। वर्तमान हिन्दी गद्य को भारतेन्दु जी की देन मानते हुए उन्हें हिन्दी गद्य का जनक’ संज्ञा से अभिहित किया जाता है ।।


प्रश्न 31 — द्विवेदी युग के प्रमुख गद्य-लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — द्विवेदी युग के प्रमुख लेखक हैं- महावीर प्रसाद द्विवेदी, प्रेमचन्द, पूर्णसिंह, सम्पूर्णानन्द, श्यामसुन्दर दास, रामचन्द्र शुक्ल आदि ।।
प्रश्न 32 — द्विवेदी युग का समय बताइए और उस व्यक्ति का पूरा नाम बताइए, जिसके कारण इसे द्विवेदी युग कहा जाता है ।।
उत्तर — द्विवेदी युग की समय-सीमा सन् 1900 ई० से सन् 1922 ई० तक है ।। महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के कारण इस युग को द्विवेदी युग कहा जाता है ।।
प्रश्न 33 — भारतेन्दु युग की गद्य-भाषा (हिन्दी) का द्विवेदी युग में क्या सुधार एवं विकास हुआ?
उत्तर — भारतेन्दु युग के हिन्दी गद्य में परिष्कार और परिमार्जन की आवश्यकता थी ।। द्विवेदी युग में भाषा को शुद्ध, सुसंस्कृत व परिमार्जित बनाकर व्यवस्थित किया गया ।।

प्रश्न 34 — भारतेन्दु युग के निबन्धकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, पं० बालकृष्ण भट्ट, प्रतापनारायण मिश्र, बालमुकुन्द गुप्त भारतेन्दु युग के निबन्धकार हैं ।।
प्रश्न 35 — विषय और शैली की दृष्टि से निबन्ध के प्रमुख कितने भेद हैं? उनके नाम लिखिए ।।
उत्तर — विषय और शैली की दृष्टि से निबन्ध के निम्नलिखित प्रमुख चार भेद हैं(1) विवरणात्मक निबन्ध, (2) वर्णनात्मक निबन्ध, (3) विचारात्मक निबन्ध, (4) भावात्मक निबन्ध ।।

प्रश्न 36 — हिन्दी गद्य की प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर — हिन्दी गद्य की प्रमुख विधाएँ- निबन्ध, कहानी, नाटक, उपन्यास, आलोचना, रेखाचित्र, आत्मकथा, जीवनी, संस्मरण, डायरी, यात्रावृत, भेंट-वार्ता, पत्र-साहित्य तथा गद्य काव्य आदि हैं ।।
प्रश्न 37 — प्रगतिवादी युग की प्रमुख विशेषताएँ बताइए ।।
उत्तर — मार्क्सवादी प्रभाव, भाषा की सशक्तता, नवीन भाषा-शैलियों का विकास तथा यथार्थता आदि प्रगतिवादी की विशेषताएँ हैं ।।
प्रश्न 38 — प्रगतिवादी युग की प्रमुख पत्रिकाओं के नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रगतिवादी युग की प्रमुख पत्रिकाएँ सारिका, गंगा, कादम्बिनी, धर्मयुग आदि हैं ।।
प्रश्न 39 — आधुनिक युग की समय-सीमा बताइए ।।

उत्तर — आधुनिक युग की समय-सीमा सन् 1947 ई० से वर्तमान समय तक है ।।
प्रश्न 40 — आधुनिक युग के किन्हीं तीन लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — आधुनिक युग के तीन लेखक लक्ष्मी नारायण लाल, विष्णु प्रभाकर, धर्मवीर भारती हैं ।।
प्रश्न 41 — हिन्दी के प्रथम मौलिक उपन्यास एवं उसके लेखक का नाम लिखिए ।।
उत्तर — हिन्दी का प्रथम मौलिक उपन्यास ‘परीक्षा गुरु’ है ।। इसके लेखक लाला श्रीनिवासदास हैं ।।
प्रश्न 42 — प्रेमचन्द जी की पहली कहानी का नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रेमचन्द की पहली कहानी ‘स्रोत’ है ।।

प्रश्न 43 — जयशंकर प्रसाद की प्रमुख कहानियों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — जयशंकर प्रसाद की प्रमुख कहानियाँ- आकाशदीप, ममता, पुरस्कार, मधुआ, चित्र-मन्दिर, गुण्डा आदि हैं ।।
प्रश्न 44 — कहानी की मुख्य विशेषताएँ बताइए ।।
उत्तर — लघु कथानक, पात्र एवं चरित्र-चित्रण, भाव अथवा संवेदना का प्रस्तुतीकरण तथा निश्चित उद्देश्य-कहानी की मुख्य विशेषताएँ हैं ।।
प्रश्न 45 — कहानी के कौन-कौन से तत्व होते हैं?
उत्तर — कहानी के निम्नलिखित तत्व होते हैं- (1) शीर्षक, (2) पात्र-एवं चरित्र-चित्रण, (3) कथानक या कथावस्तु, (4) संवाद या कथोपकथन, (5) देशकाल या वातावरण, (6) भाषा-शैली तथा (7) उद्देश्य ।।

प्रश्न 46 — हिन्दी की पहली मौलिक कहानी का नाम लिखिए ।।
उत्तर — किशोरीलाल गोस्वामी कृत ‘इंदुमती’ को हिन्दी की पहली मौलिक कहानी माना जाता है ।।
प्रश्न 47 — महादेवी वर्मा तथा वासुदेवशरण अग्रवाल किस युग के निबन्धकार है?
उत्तर — महादेवी वर्मा तथा वासुदेवशरण अग्रवाल शुक्लोत्तर युग के निबन्धकार हैं ।।
प्रश्न 48 — शुक्ल युग के प्रमुख निबन्धकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — शुक्ल युग के प्रमुख निबन्धकार- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, गुलाबराय, श्यामसुन्दर दास, पीताम्बर दत्त, बड़थ्वाल आदि है ।।

प्रश्न 49 — भारतेन्दु जी के दो निबन्धों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — मदालसा तथा सुलोचना भारतेन्दु जी के दो निबन्ध-संग्रह हैं ।।
प्रश्न 48 — देवकीनन्दन खत्री के दो उपन्यासों के नाम बताइए ।।
उत्तर — चन्द्रकान्ता सन्तति और भूतनाथ– देवकीनन्दन खत्री के दो उपन्यास हैं ।।
प्रश्न 49 — जयशंकर प्रसाद के उपन्यासों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — जयशंकर प्रसाद के दो उपन्यास- कंकाल और तितली हैं ।।

प्रश्न 50 — द्विवेदीयुगीन किन्ही दो निबन्धकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — द्विवेदीयुगीन दो निबन्धकार हैं- महावीर प्रसाद द्विवेदी व पूर्णसिंह ।।
प्रश्न 51 — हिन्दी एकांकी का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर — डॉ० रामकुमार वर्मा को आधुनिक हिन्दी एकांकी का जनक माना जाता है ।।
प्रश्न 52 — ‘रक्षाबंधन’ तथा ‘सिंदूर की होली’ किस विधा की रचनाएँ हैं? इनके लेखकों का नाम भी लिखिए ।।
उत्तर — ‘रक्षाबन्धन’ तथा ‘सिंदूर की होली’ नाटक विधा की रचनाएँ हैं ।। इनके लेखक हरिशंकर प्रेमी तथा लक्ष्मीनारायण मिश्र हैं ।।
प्रश्न 53 — जयशंकर प्रसाद के प्रसिद्ध नाटकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — जयशंकर प्रसाद के प्रसिद्ध नाटक- चन्द्रगुप्त, स्कन्दगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, अजातशत्रु, करुणालय आदि हैं ।।

प्रश्न 54 — हिन्दी के प्रमुख नाटककारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — हिन्दी के प्रमुख नाटककार- भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, जयशंकर प्रसाद, हरिशंकर प्रेमी, लक्ष्मीनारायण मिश्र, भीष्म साहनी आदि हैं ।।
प्रश्न 55 — नाटक को रूपक’क्यों कहा जाता है?
उत्तर — नाटक में पात्रों और घटनाओं को अन्य पात्रों व घटनाओं पर आरोपित किया जाता है, इसलिए इसे ‘रूपक’ कहा जाता है ।।
प्रश्न 56 — प्रेमचन्दोत्तर युग के किन्हीं दो उपन्यासकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रेमचन्दोत्तर युग के दो प्रमुख उपन्यासकार- जैनेन्द्र तथा इलाचन्द्र जोशी हैं ।।

प्रश्न 57 — ‘परख’ तथा ‘जहाज का पंछी’ उपन्यासों के लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — ‘परख’ उपन्यास के लेखक- जैनेन्द्र तथा ‘जहाज का पंछी’ उपन्यास के लेखक-इलाचन्द्र जोशी जी हैं ।।
प्रश्न 60 — प्रेमचन्द के किन्हीं दो उपन्यासों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रेमचन्द जी के दो उपन्यास- गबन और गोदान हैं ।।
प्रश्न 61 — किन्हीं दो संस्मरण लेखकों व उनकी एक-एक कृति का नाम बताइए ।।
उत्तर — महादेवी वर्मा तथा भगवतीचरण वर्मा दो प्रमुख संस्मरण लेखक है ।। इनकी रचनाएँ- ‘स्मृति की रेखाएँ’ तथा ‘वे सात और हम’

62 — रेखाचित्र व संस्मरण में अंतर स्पष्ट कीजिए ।।
उत्तर — रेखाचित्र में शब्दों की कलात्मक रेखाओं के द्वारा किसी व्यक्ति, वस्तु अथवा घटना के बाह्य तथा आंतरिक स्वरूप का शब्द चित्र इस प्रकार व्यक्त किया जाता है कि पाठक के हृदय में उसका सजीव तथा यथार्थ चित्र अंकित हो जाए ।। संस्मरण में लेखक के द्वारा अपनी स्मृति के आधार पर किसी व्यक्ति, परिस्थिति अथवा विषय पर लेख लिखा जाता है ।।
प्रश्न 63 — जीवनी किसे कहते है?
उत्तर — किसी महान् व्यक्ति के जीवन की जन्म से मृत्यु-पर्यन्त सभी महत्वपूर्ण घटनाओं को जब कोई लेखक प्रस्तुत करता है, तब वह विधा जीवनी कहलाती है ।।

प्रश्न 64 — जीवनी लिखने वाले किसी एकलेखक तथा उसकी रचना का नाम लिखिए ।।
उत्तर — जीवनी लिखने वाले लेखक बनारसी दास चतुर्वेदी हैं ।। इनकी रचना का नाम ‘पण्डित सत्यनारायण की जीवनी’ है ।।
प्रश्न 65 — रामविलास शर्मा किस रूप में प्रसिद्ध हैं?
उत्तर — रामविलास शर्मा जीवनी लेखक के रूप में प्रसिद्ध हैं ।।
प्रश्न 66 — प्रसिद्ध जीवनी-लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — प्रसिद्ध जीवनी लेखक हैं- गुलाबराय, रामनाथ सुमन, डॉ० रामविलास शर्मा, अमृतराय आदि ।।
प्रश्न 67 — दो डायरी विधा लेखकों के नाम बताइए ।।

उत्तर — श्रीराम शर्मा तथा धीरेन्द्र वर्मा दो प्रमुख डायरी विधा लेखक हैं ।।
प्रश्न 68 — गद्य-काव्य किसे कहते हैं?
उत्तर — गद्यात्मक भाषा के माध्यम से किसी भावपूर्ण विषय पर की गई काव्यात्मक अभिव्यक्ति गद्य-काव्य कहलाती है ।।
प्रश्न 69 — यात्रावृत्त किसे कहते हैं ।।
उत्तर — लेखक अपने द्वारा की गई किसी यात्रा के अनुभव का वर्णन प्रस्तुत करता है, वह यात्रावृत्त कहा जाता है ।।
प्रश्न 70 — दो यात्रावृत्तान्त लेखकों व उनकी एक-एक कृति का नाम लिखिए ।।
उत्तर — दो यात्रावृत्तान्त लेखक राहुल सांस्कृत्यायन तथा मोहन राकेश हैं ।। इनकी रचना क्रमशः ‘घुमक्कड़ शास्त्र’ तथा ‘आखरी चट्टान’ है ।।

प्रश्न 71 — ‘ठेले पर हिमालय’किस विधा की रचना है?
उत्तर — ‘ठेले पर हिमालय’ यात्रावृत्त विधा की रचना है ।।
प्रश्न 72 — भेटवार्ता अथवा साक्षात्कार से आप क्या समझते हैं?
उत्तर — किसी से भेंट करके उसका परिचय जानने का प्रयास ‘भेंटवार्ता के अन्तर्गत आता है ।।
प्रश्न 73 — हिन्दी के सर्वप्रथम दैनिक समाचार-पत्र का नाम बताइए ।।
उत्तर — हिन्दी के सर्वप्रथम दैनिक समाचार-पत्र ‘समाचार सुधावर्षण’ है ।।

प्रश्न 74 — रिपोर्ताज किसे कहते हैं?
उत्तर — रिपोर्ताज में किसी घटना का वर्णन इस तरह किया जाता है कि पाठक उससे प्रभावित हो जाता है ।। रिपोर्ताज का हाल इस तरह से लिखा जाता है कि जैसे वह आँखों देखा हो ।। इसमें महत्वपूर्ण घटनाओं तथा पाठकों की विशिष्टताओं का निजी और सूक्ष्म निरीक्षण के आधार पर मनोवैज्ञानिक विश्लेषण तथा विवेचन होता है ।।
प्रश्न 75 — हिन्दी के दो रिपोर्ताज लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — विष्णु प्रभाकर तथा प्रभाकर माचवे दो प्रमुख रिपोर्ताज लेखक हैं ।।

प्रश्न 76 — हिन्दी के प्रमुख एकांकीकारों के नाम बताइए ।।
उत्तर — हिन्दी के प्रमुख एकांकीकार– भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, डॉ० रामकुमार वर्मा, पं० उदयशंकर भट्ट, सेठ गोविंददास, जगदीशचन्द्र माथुर, विनोद रस्तोगी, लक्ष्मीनारायण मिश्र आदि हैं ।।
प्रश्न 77 — हिन्दी की प्रथम एकांकी का नाम लिखिए ।।
उत्तर — जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित ‘एक घुट’ को हिन्दी की प्रथम एकांकी माना जाता है ।।
प्रश्न 78 — डॉ० रामकुमार वर्मा के प्रथम एकांकी नाटकों के संग्रह का क्या नाम है? यह कब प्रकाशित हुआ?
उत्तर — डॉ० रामकुमार वर्मा के प्रथम एकांकी नाटकों के संग्रह का नाम ‘पृथ्वीराज की आँखें’ है, यह सन् 1936 ई० में प्रकाशित हुआ ।।
प्रश्न 79 — आलोचना किसे कहते हैं?
उत्तर — किसी वस्तु का सूक्ष्म अध्ययन करना; जिससे उसके गुण-दोष प्रकट हो जाएँ, को आलोचना कहते हैं ।।

प्रश्न 80 — हिन्दी में आधुनिक पद्धति की आलोचना का प्रारम्भ कब से माना जाता है?
उत्तर — हिन्दी में आधुनिक पद्धति की आलोचना का प्रारम्भ भारतेन्दु युग में लाला श्रीनिवासदास के ‘संयोगिता स्वयंवर’ नामक नाटक की आलोचना से माना जाता है ।।
प्रश्न 81 — छायावादी युग के सबसे प्रसिद्ध आलोचना लेखक का नाम बताइए ।।
उत्तर — आचार्य रामचन्द्र शुक्ल छायावादी युग के सबसे प्रसिद्ध आलोचना लेखक हैं ।।
प्रश्न 82 — चार आलोचकलेखकों के नाम बताइए ।।
उत्तर — चार आलोचक लेखक हैं- आचार्य रामचन्द्र शुक्ल, बाबू श्यामसुन्दर दास, हजारीप्रसाद द्विवेदी एवं महावीर प्रसाद द्विवेदी ।।
प्रश्न 83 — द्विवेदी युग के प्रमुख आलोचना लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — द्विवेदी युग के प्रमुख आलोचना लेखक हैं- बाबू श्यामसुन्दर दास, पद्मसिंह शर्मा एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ।।

प्रश्न 84 — डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की एक रचना का नाम लिखिए ।।
उत्तर — डॉ० राजेन्द्र प्रसाद की रचना ‘मेरी आत्मकथा’ है ।।
प्रश्न 85 — हिन्दी के किन्हीं दो रेखाचित्रकारों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — महादेवी वर्मा तथा अमृतराय हिन्दी के दो प्रमुख रेखाचित्रकार हैं ।।
प्रश्न 86 — गद्य-काव्य विधा के दो लेखकों के नाम लिखिए ।।
उत्तर — गद्य-काव्य विधा के दो प्रमुख लेखक- माखनलाल चतुर्वेदी तथा वियोगी हरि जी हैं ।।

प्रश्न 87 — भारतेन्दु जी के प्रमुख नाटकों के नाम बताइए ।।
उत्तर — भारतेन्दु जी के प्रमुख नाटक हैं- वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति, अँधेर नगरी, भारत दुर्दशा, नीलदेवी आदि ।।
प्रश्न 88 — ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक का नाम लिखिए ।।
उत्तर — ‘सरस्वती’ पत्रिका के सम्पादक आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी जी थे ।।
प्रश्न 89 — ‘धर्मयुग’ पत्रिका के सम्पादक का नाम बताइए ।।
उत्तर — ‘धर्मयुग’ पत्रिका के सम्पादक धर्मवीर भारती जी हैं ।।
प्रश्न 90 — ‘कर्मवीर’किस युग की पत्रिका है तथा यह कहाँ से प्रकाशित होती थी?
उत्तर — ‘कर्मवीर’ शुक्ल युग की पत्रिका है, यह जबलपुर से प्रकाशित होती थी ।।
प्रश्न 91 — ‘हंस’ पत्रिका के सम्पादक का नाम बताइए ।।
उत्तर — ‘हंस’ पत्रिका के सम्पादक प्रेमचन्द जी थे ।।

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