UP BOARD CLASS 9TH HINDI SOLUTION CHAPTER 2 NAYE MEHMAN एकांकी खण्ड

UP BOARD CLASS 9TH HINDI SOLUTION CHAPTER 2 NAYE MEHMAN एकांकी खण्ड

UP BOARD CLASS 9TH HINDI SOLUTION CHAPTER 2 NAYE MEHMAN एकांकी खण्ड
2- नए मेहमान ( उदयशंकर भट्ट)


(क) लघु उत्तरीय प्रश्न
1- विश्वनाथ और रेवती किस कारण से परेशान हैं?
उत्तर— विश्वनाथ और रेवती भारत के एक बड़े नगर में रहते हैं और गरमी के कारण परेशान हैं, क्योंकि बड़े नगरों में मकान बहुत छोटे और बंद होते हैं ।।
2- किस वजह से विश्वनाथ नए मेहमानों से संतुष्ट नहीं था?
उत्तर— विश्वनाथ ‘नए मेहमानों’ से इसलिए संतुष्ट नहीं था क्योंकि वह मेहमानों को पहचानता नहीं था और नए मेहमानों ने भी अपना परिचय सही ढंग से नहीं दिया था ।।

3- ‘नया मेहमान’ वास्तव में कौन है? प्रमाण और तर्कसहित उत्तर दीजिए ।।


उत्तर— शाब्दिक रूप में ‘मेहमान’ का आशय उस आगंतुक से होता है, जो बिना बताए ही आ जाए ।। मेहमान भी दो प्रकार के होते हैं- एक अपने व दूसरे पराए ।। प्रस्तुत एकांकी में रेवती व विश्वनाथ के घर तीन मेहमान आते हैं-नन्हेमल व बाबूलाल तथा रेवती का भाई ।। पहले आने वाले मेहमान नन्हेमल व बाबूलाल हैं, जो बिना किसी जान-पहचान के ही रेवती के घर आ जाते हैं और रेवती के लिए परेशानी का कारण बन जाते हैं ।। उनके किसी प्रकार से घर से चले जाने के बाद घर के नीचे से फिर किसी मेहमान की आवाज आती है ।। पहले मेहमानों से दुःखी रेवती, इस नए मेहमान की आवाज सुनकर एक बार तो चौंक जाती है कि “अरे फिर!’ परंतु जब वह देखती है कि आगंतुक उसका भाई है तो वह बहुत खुश होती है और भाई की आवभगत में जुट जाती है ।। प्रस्तुत एकांकी में रेवती का यह भाई ही ‘नए मेहमान’ के रूप में प्रस्तुत किया गया है ।।

4- ‘नए मेहमान’ एकांकी हास्यप्रधान है या समस्याप्रधान? सकारात्मक उत्तर दीजिए ।।


उत्तर— ‘नए मेहमान’ एकांकी सामाजिक समस्याप्रधान एकांकी है ।। बड़े नगरों में जगह की समस्या एक प्रधान समस्या बन चुकी है ।। प्रस्तुत एकांकी में भट्ट जी ने बड़े नगरों में मध्यम वर्ग के लोगों की आवास की समस्या का विकराल रूप उजागर किया है ।। इसके साथ ही लोगों को पानी, हवा व धूप, महँगाई तथा पड़ोसियों की समस्या भी त्रस्त किए रहती है ।। इन समस्याओं के कारण बिना बुलाए घर को धर्मशाला समझने वाले और फरमाइश पर फरमाइश करने वाले ऐसे मेहमानों के आगमन पर ये लोग किस प्रकार चिंतित हो उठते हैं, इस तथ्य को भट्ट जी ने अपनी हास्य व्यंग्यपूर्ण शैली में कुशलता से स्पष्ट किया |

5- पड़ोसी विश्वनाथ से किस-किस बात की शिकायत करते हैं?
उत्तर— पड़ोसी विश्वनाथ से उसके मेहमानों द्वारा छत पर गंदा पानी फैलाकर छत गंदी करने तथा खाट बिछाकर लेट जाने की शिकायत करते हैं ।।

6- आगंतुक के आने पर रेवती की खुशी को स्पष्ट कीजिए ।।
उत्तर— आगंतुक रेवती का भाई है ।। रेवती अपनी भाई से बहुत स्नेह करती है ।। रेवती भाई के आने पर उससे खबर न देने की शिकायत करती है और उसकी आवभगत में लग जाती है तथा पंखा करती हुई अपने पुत्र प्रमोद से कहती है- ‘अरे प्रमोद, जा जल्दी से बर्फ तो ला ।। मामाजी को ठंडा पानी पिला और देख, नुक्कड़ पर हलवाई की दुकान खुली हो तो——- ।।” तथा गरमी में सर दर्द होने पर भी खाना बनाने को तैयार हो जाती है ।। इस प्रकार से आगंतुक के आने पर रेवती की खुशी का पता चलता है ।।

7- विश्वनाथ मेहमानों से स्पष्ट परिचय पूछने में क्यों हिचकिचा रहा था?
उत्तर— विश्वनाथ संकोची स्वभाव का था, अत: वह नवागंतुकों से स्पष्ट परिचय पूछने में हिचकिचा रहा था ।। साथ ही उसे इस बात का संदेह भी था कि यदि ये लोग उसके परिचित निकले तो कहीं स्पष्ट परिचय पूछना उसके लिए असम्मानजनक न हो जाए ।।

8- नन्हेमल व बाबूलाल की वाचालता के विषय में अपने विचार लिखिए ।।
उत्तर— नन्हेमल व बाबूलाल बड़े वाचाल हैं और हर प्रकार की बात बनाने में माहिर हैं ।। अपनी वाचालता के फलस्वरूप वे विश्वनाथ को अपना उचित परिचय नहीं देते हैं तथा विश्वनाथ जिस किसी का भी नाम उनके सामने लेता, उसी से वे अपना कोई न कोई संबंध बता देते हैं और अपनी वाचालता से विश्वनाथ को बहकाने का प्रयास करते हैं ।। अपनी इसी वाचालता के कारण ही वे विश्वनाथ का मेहमान न होते हुए भी घंटाभर उससे अपनी आवभगत कराते हैं ।।

UP BOARD CLASS 9TH HINDI CHAPTER 1 DEEPDAN एकांकी खण्ड

(ख) विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

1- ‘नए मेहमान’ की कथावस्तु अपने शब्दों में लिखिए ।।
उत्तर— ‘नए मेहमान’ उदयशंकर भट्ट का यथार्थवादी एकांकी है, जिसमें बड़े नगरों (महानगरों) में रहने वाले मध्यम वर्ग की आवास समस्या और कष्टपूर्ण जीवन का सजीव चित्रण किया गया है ।। एकांकी की कथावस्तु निम्नवत् हैं’नए मेहमान’ एकांकी का मुख्य पात्र विश्वनाथ है ।। वह एक बड़े नगर की घनी बस्ती में अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता है ।। उसका मकान बहुत छोटा है ।। गर्मी का मौसम है और रात के आठ बजे हैं ।। उसका छोटा बच्चा बीमार है और उसकी पत्नी का गर्मी के कारण बुरा हाल है ।।

उसके मकान की छत बहुत छोटी है जिस पर चारपाई बिछाने की भी पर्याप्त जगह नहीं है ।। विश्वनाथ की पड़ोसिन बहुत कठोर स्वभाव की है ।। वह अपनी खाली छत का भी उन्हें प्रयोग नहीं करने देती ।। इस वजह से विश्वनाथ बहुत दुःखी तथा परेशान है ।। जैसे ही विश्वनाथ व उसका परिवार सोने की तैयारी करते हैं वैसे ही बाहर से कोई दरवाजा खटखटाता है ।। विश्वनाथ दरवाजा खोलता है ।। दो अपरिचित व्यक्ति बाबूलाल और नन्हेमल घर में प्रवेश करते हैं और घर में जम जाते हैं ।। वे विश्वनाथ से ठंडे पानी की माँग करते हैं ।। विश्वनाथ द्वारा उनका परिचय पूछे जाने पर वे उसे बातों में उड़ा देते हैं ।। विश्वनाथ संकोची स्वभाव के कारण कुछ नहीं कह पाता ।।

विश्वनाथ की पत्नी रेवती खाना बनाने के लिए तैयार नहीं होती और अपने पति से जिद करती है कि इनसे इनका पता- परिचय पूछो ।। जब विश्वनाथ उनसे साफ-साफ पूछता है तो पता चलता है कि वे भूलवश उसके घर आ गए थे ।। वास्तव में उन्हें विश्वनाथ के पड़ोस में रहने वाले कविराज रामलाल वैद्य के घर जाना था और वे भूल से उसके घर आ गए थे ।। इस पर विश्वनाथ के बच्चे उन्हें सही स्थान पर पहुँचाकर आते हैं और दोनों पति-पत्नी चैन की साँस लेते हैं ।।
जैसे ही विश्वनाथ और रेवती इन दोनों से मुक्त होते हैं वैसे ही रेवती का भाई आ जाता है ।। अपने भाई के आगमन पर रेवती बहुत प्रसन्न होती है और उसकी आवभगत में लग जाती है ।।

उसे इस बात का दुःख है कि उसका भाई उनका मकान ढूँढ़ता रहा और बहुत देर बाद सही स्थान पर पहुँचा ।। वह भाई के बार-बार मना करने पर भी खाना बनाने को तैयार होती है और बच्चों को बर्फ व मिठाई लाने के लिए भेजती है ।। विश्वनाथ मुस्कुराकर व्यंग्य से कहता है- “कहो, अब?” इस पर रेवती कहती है- “अब क्या-मैं खाना बनाऊँगी ।। भैया भूखे नहीं सो सकते ।।’ इसी बिंदु पर एकांकी का विनोदपूर्ण अंत हो जाता है ||

2- ‘नए मेहमान’ एकांकी की मुख्य स्त्री पात्र कौन है? उसका चरित्रांकन कीजिए ।।
उत्तर— ‘नए मेहमान’ एकांकी की मुख्य स्त्री पात्र विश्वनाथ की पत्नी रेवती है ।। वह मध्यम वर्ग के परिवार की गृहस्वामिनी का प्रतिनिधित्व करती है ।। उसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं


(अ) आवास की समस्या से पीड़ित– रेवती एक मध्यमवर्गीय सामान्य नारी है ।। उसका छोटा बच्चा बीमार है, मकान छोटा एवं कम हवादार है ।। वह और उसका बच्चा तेज गर्मी से पीड़ित है ।। आवास की समस्या से पीड़ित होकर वह झंझला पड़ती है और कहती है-
“जाने कब तक इस जेलखाने में सड़ना पड़ेगा ।।”


(ब) पति परायणा एवं सहनशील– अपनी वर्तमान समस्याओं से पीड़ित होते हुए भी वह अपने पति से अत्यंत प्रेम
करती है ।। वह खुद आँगन में लेटकर गर्मी में रात बिताने को तैयार है, परंतु पति को छत पर खुली हवा में सोने को विवश करती है ।। वह चाहती है कि उसके पति को कोई परेशानी न हो ।। वह अत्यधिक गर्मी में भी कष्ट उठाकर \परिस्थितियों से समझौता कर लेती है ।। सहनशीलता उसका प्रमुख गुण है ।।


(स) पड़ोसी के अशिष्ट व्यवहार से पीड़ित- रेवती के प्रति उसके पड़ोसियों का व्यवहार अच्छा नहीं है ।। वह अपनी पड़ोसन लाला की औरत के विषय में अपने पति से शिकायत भी करती है ।। विश्वनाथ जब लाला से बात करने को कहता है तो वह कहती है “क्या फायदा? अगर लाला मान भी जाए तो वह दुष्टा नहीं मानेगी ।।”


(द) तुनकमिजाज और शंकालु– रेवती परिस्थिति के कारण तुनकमिजाज हो गई है ।। अपरिचित मेहमानों के आने पर वह खाना नहीं बनाती और उनके प्रति शंका प्रकट करती हुई कहती है-“दर्द के मारे सिर फटा जा रहा है, फिर खाना बनाना, इनके लिए और इस समय? आखिर ये आए कहाँ से हैं?

(य) समझदार स्त्री- रेवती एक समझदार स्त्री है ।। विश्वनाथ संकोच के कारण मेहमानों से उनका परिचय पूछने में झिझकता है, परंतु रेवती एक समझदार स्त्री की भाँति विश्वनाथ को बार-बार उनका सही परिचय पूछने के लिए प्रेरित करती है ।। आखिर में पता चलता है कि मेहमान भूल से गलत स्थान पर आ गए हैं ।।

(र) भाई के प्रति स्नेही– रेवती अपने भाई से बहुत स्नेह करती है इसलिए सिर दर्द होते हुए भी वह भाई के आने पर
उसकी आवभगत करती है और खाना बनाने को तैयार हो जाती है और कहती है- मैं खाना बनाऊँगी ।। भैया भूखे नहीं सो सकते ।।” इस प्रकार हम देखते हैं कि अपने पति से विपरीत स्वभाव वाली रेवती, आधुनिक महिलाओं की भाँति समझदार गृहिणी है ।। पारिवारिक परिस्थितियों ने उसके स्वभाव को चिड़चिड़ा बना दिया है ।। उसके माध्यम से उदयशंकर भट्ट जी ने मध्यमवर्गीय नारी का सही चित्रण किया है ।। ।।

यह भी पढ़े UP BOARD CLASS 9TH HINDI CHAPTER 1 DEEPDAN एकांकी खण्ड

3- ‘नए मेहमान’ एकांकी में एकांकीकार का क्या उद्देश्य निहित है?


उत्तर— ‘नए मेहमान’ एकांकी उदयशंकर भट्ट द्वारा लिखित एक समस्याप्रधान सामाजिक हास्य एकांकी है, जो महानगरों में रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवार का यथार्थ चित्र प्रस्तुत करता है ।। इसमें लेखक भट्ट जी ने महानगरों की आवास समस्या को संकेत रूप में उजागर किया है ।। महानगरों में मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए आवास की समस्या बड़ी विकट है ।। उन लोगों को छोटे एवं बंद मकानों में रहना पड़ता है, जिसमें प्रकाश तथा हवा का प्रवेश भी संभव नहीं होता ।। मेहमानों के आने पर यह समस्या और भी जटिल हो जाती है ।। सीमित साधनों वाले व्यक्ति जिनके पास एक खुली छत भी नहीं होती, मेहमानों के आने पर किस प्रकार चिंतित हो जाते हैं, इसका प्रस्तुत एकांकी में भट्ट जी ने विश्वनाथ के परिवार के माध्यम से प्रस्तुतीकरण किया है ।।

विश्वनाथ के शब्दों में-
“इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है, मकान है कि भट्टी?”
रेवती के शब्दों में आवास की समस्या इस प्रकार उजागर हुई है- “घड़े में भी तो पानी ठंडा नहीं होता, हवा लगे तब तो ठंडा हो, जाने कब तक इस जेलखाने में सड़ना होगा ।।”

4- ‘उदयशंकर भट्ट’ जी का जीवन परिचय और कृतियों का संक्षिप्त परिचय दीजिए ।।


उत्तर— जीवन परिचय- प्रसिद्ध एकांकीकार उदयशंकर भट्ट का जन्म उत्तर प्रदेश के इटावा नगर में 3 अगस्त 1898 को हुआ था ।। चौदह वर्ष की अवस्था में ही माता-पिता का साया इनके सिर से उठ गया ।। इनका बाल्यकाल अपनी ननिहाल में व्यतीत हुआ ।। वहीं इन्होंने संस्कृत भाषा का ज्ञान प्राप्त कर लिया था ।। इसके बाद इन्होंने हिंदी व अंग्रेजी भाषा का ज्ञान प्राप्त किया ।। भट्ट जी ने ‘काशी हिंदू विश्वविद्यालय’ से स्नातक की उपाधि प्राप्त करने के बाद पंजाब से ‘शास्त्री’ तथा कलकत्ता से ‘काव्य-तीर्थ’ की उपाधि भी प्राप्त की ।। सन् 1923 ई- में ये जीविका की खोज में लाहौर चले गए और वहीं हिंदी और संस्कृत के अध्यापक नियुक्त हो गए ।।

सन् 1947 ई- में देश विभाजन के बाद भट्ट जी लाहौर छोड़कर दिल्ली चले आए और काफी समय तक आकाशवाणी दिल्ली में ‘निदेशक’ रहे ।। सेवा-अवधि के उपरांत आप स्वतंत्र रूप से लेखन कार्य में संलग्न रहे ।। आपने नाटक, आलोचना, कहानी तथा उपन्यास आदि विधाओं पर लेखनी चलाई ।। 22 फरवरी, 1966 ई-में साहित्य जगत की यह धरोहर सदैव के लिए चिरनिद्रा में विलीन हो गई ।। इन्होंने अपना साहित्यिक जीवन काव्य-रचना से आरंभ किया ।। इनकी कविताओं के कई संग्रह प्रकाशित हुए हैं ।।

काव्य के साथ-साथ इन्होंने एकांकी और बड़े नाटक भी लिखे हैं ।। 1922 ई- से ही इन्होंने नाटकों की रचना प्रारंभ की और आजीवन नाट्य-सृजन में लगे रहे ।। कृतियाँ- एक ही कब्र में, दुर्गा, नेता, आज का आदमी, अपनी-अपनी खाट पर, विष की पुड़िया, बड़े आदमी की मृत्यु, परदे के पीछे, नया नाटक, मनु और मानव, दस हजार, वापसी आदि भट्ट जी के प्रमुख एकांकी हैं ।। मुक्तिपथ, शंका विजय, विक्रमादित्य इनके ऐतिहासिक नाटक हैं ।। साहित्य सृजन में आपने नाट्य शैली को अपनाया है ।। आपके ‘नया समाज’ नाटक में आधुनिकता की झलक दिखती है ।।

5- इस एकांकी के प्रमुख पात्र विश्वनाथ का चरित्र-चित्रण कीजिए ।।
उत्तर— ‘नए मेहमान’ एकांकी का प्रमुख पात्र विश्वनाथ है ।। वह आधुनिक नगरों में रहने वाले मध्यमवर्गीय समाज का प्रतिनिधित्व करता है ।। उसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ हैं


(अ) उदार व्यक्ति– विश्वनाथ महानगर में रहने वाला एक उदार व्यक्ति है ।। वह नौकरी करके अपने सीमित साधनों से अपने परिवार का भरण-पोषण करता है ।। वह उन सभी समस्याओं से ग्रस्त है, जो आधुनिक नगरों में सीमित साधनों वाले व्यक्तियों को सहन करनी पड़ती हैं, किंतु वह उन सबको सरलता के साथ सहता है ।। वह अपनी पत्नी एवं बच्चों के सुख-दुःख का पूरा ध्यान रखता है और अपने अपरिचित मेहमानों के आ जाने पर भी झुंझलाता नहीं है ।।


(ब) मकान की समस्या से पीड़ित– विश्वनाथ बड़े नगर में मकान की समस्या से दुःखी है ।। वह किराए पर छोटा-सा मकान लेकर अपने परिवार के साथ जीवनयापन कर रहा है ।। वह दो वर्ष से हवादार, खुले और अच्छे मकान की तलाश में है ।। वह पड़ोसिन के दुर्व्यवहार को सहन करता हुआ संघर्षशील व्यक्ति की भाँति अपना जीवन व्यतीत कर रहा है ।। मकान की समस्या पर प्रकाश डालता हुआ वह कहता है- “मकान मिलता ही नहीं ।। आज दो साल से दिन-रात एक करके ढूँढ़ रहा हूँ ।।-एक ये पड़ोसी हैं, निर्दयी, जो खाली छत पड़ी रहने पर भी बच्चों के लिए एक खाट नहीं बिछाने देते ।।” ।।


(स) विनम्र एवं संकोची– विश्वनाथ विनम्र एवं संकोची स्वभाव का है ।। यही कारण है कि देर रात में आए अपरिचित मेहमानों से वह उनका स्पष्ट परिचय भी नहीं पूछ पाता और उनकी सेवा में लग जाता है ।। पड़ोसियों के निर्दयी और शिष्ट व्यवहार पर भी वह उनसे कुछ नहीं कहता और क्षमा माँगते हुए कहता है, “अनजान आदमी से गलती हो ही जाती है ।। उसे क्षमा कर देना चाहिए ।।कलसे ऐसा नहीं होगा ।।”


(द) समझौताप्रिय– विश्वनाथ परिस्थितियों से समझौता करना अच्छी तरह जानता है ।। नए मेहमानों के आने पर जब उसकी पत्नी रेवती सिर दर्द के कारण खाना बनाने में असमर्थता प्रकट करती है तो वह उससे कुछ कहे बिना बाजार से खाना लाने को तैयार हो जाता है और मेहमानों की चिंता करते हुए अपनी पत्नी से कहता है- “क्या कहेंगे कि रातभर भूखा मारा, बाजार से कुछ मँगा दो न!”


(य) अतिथि-सत्कार करने वाला– विश्वनाथ के हृदय में अतिथियों के प्रति सेवाभाव है ।। अपने सीमित साधनों से वह अतिथियों की सेवा करने की भावना रखता है ।। अपरिचित अतिथियों को भी वह प्रेम से बैठाता है, बर्फ मँगाकर ठंडा पानी पिलाता है, स्नान का प्रबंध करता है और अपनी पत्नी से खाना बनाने के लिए कहता है, –“ कोई भी हो, जब आए हैं तो जरूर खाना खाएँगे, थोड़ा सा बना लो ।।’ तथा गंतव्य स्थान का पता लगने पर अपने बच्चों द्वारा उन्हें सही स्थान पर पहुँचा देता है ।। इस प्रकार हम देखते हैं कि विश्वनाथ सभ्य, सुसंस्कृत, संकोची, विनम्र व्यक्ति है ।। साधनों का अभाव होते हुए भी अतिथि सेवा का भाव उसके अंदर विद्यमान है ।।

6- ‘नए मेहमान’ एकांकीका शीर्षककहाँ तक उपयुक्त है? उस पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।।


उत्तर— ‘नए मेहमान’ एकांकी का शीर्षक सर्वथा उपयुक्त है ।। क्योंकि ‘मेहमान’ उस आगंतुक को कहा जाता है जो बिना बताए ही आ जाए ।। प्रस्तुत एकांकी में विश्वनाथ व रेवती के घर तीन मेहमान आते हैं- बाबूलाल, नन्हेमल व रेवती का भाई ।। जिनमें नन्हेमल व बाबूलाल अपरिचित (पराए) मेहमान हैं तथा रेवती का भाई अपना ।। एकांकी में ये तीनों ही मेहमान बिना बताए ही रेवती व विश्वनाथ के घर आते हैं ।। सर्वप्रथम एकांकी में बाबूलाल व नन्हेमल विश्वनाथ के घर आते हैं जो भूल से उनके घर आ जाते हैं तथा जिनके कारण विश्वनाथ व रेवती दुविधा में पड़ जाते हैं ।। जैसे ही वे विदा लेते हैं एक और नया मेहमान, रेवती का भाई, आ जाता है ।। जिसे देखकर वे दोनों प्रसन्न हो जाते हैं ।। इस प्रकार इस एकांकी का शीर्षक उपयुक्त है क्योंकि यह आने वाले मेहमानों को इंगित करता है ।।

(ग) वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1- विश्वनाथ एवं रेवती परेशान हैं
(अ) वर्षा के कारण (ब) अँधेरे के कारण (स) सरदी के कारण (द) गरमी के कारण

2- विश्वनाथ के पड़ोसी हमेशा उनसे परेशान क्यों रहते थे?
(अ) क्योंकि उनके यहाँ कोई मेहमान नहीं आता था ।।
(ब) क्योंकि वे स्वार्थी थे और किसी भी प्रकार की असुविधा सहन नहीं कर सकते थे ।।
(स) क्योंकि विश्वनाथ उनके धन को देखकर उनसे ईर्ष्या करता था ।।
(द) क्योंकि विश्वनाथ के परिवार वाले उन्हें हमेशा तंग करते थे ।।

3- पड़ोसी विश्वनाथ से किस बात की शिकायत करता है?
(अ) मेहमानों द्वारा छत पर कपड़े फैलाना (ब) मेहमानों द्वारा शोर मचाने के कारण
(स) मेहमानों द्वारा छत पर खाट बिछाना (द) मेहमानों द्वारा छत पर गंदा पानी फैलाना

4- विश्वनाथ के दोनों मेहमान
(अ) वास्तव में पता भूल गए थे ।। (ब) केवल रात बिताना चाहते थे ।।
(स) विश्वनाथ को ठगना चाहते थे ।। (द) वे विश्वनाथ के रिश्तेदार थे ।।

5- विश्वनाथ ने पड़ोसियों को निर्दयी क्यों कहा?
(अ) क्योंकि वे उनकी मुसीबत को देखकर खुश होते थे ।।
(ब) क्योंकि वे अपनी खाली छत पर उनके बच्चों के लिए खाट नहीं बिछाने देते थे ।।
(स) क्योंकि उनमें सामाजिकता का भाव नहीं था ।। (द) उपर्युक्त सभी

6— रेवती नए मेहमानों के लिए खाना नहीं बनाना चाहती; क्योंकि
(अ) मेहमानों से उसकी आत्मीयता नहीं थी ।।
(ब) रात में खाना बनाना संभव नहीं था ।।
(स) सचमुच उसके सिर में दर्द था ।।
(द) उपर्युक्त सभी

7- मेहमान व आगंतुक के स्वागत में रेवती
(अ) भेदभाव करती है ।।
(ब) दोनों के स्वागत में रुचि नहीं लेती है ।।
(स) दोनों का स्वागत आदर से करती है ।।
(द) दोनों का स्वागत एक समान भाव से करती है ।।

8- विश्वनाथ, नन्हेमल और बाबूलाल को पहचानने से इंकार क्यों नहीं कर सका?
(अ) क्योंकि उसे संदेह था शायद ये दोनों सचमुच ही उसके किसी संबंधीद्वारा भेजे गएहों ।।
(ब) क्योंकि उसे मेहमान नाराज न हो जाए, इसका डर था ।।
(स) क्योंकि उसे उन दोनों की दशा पर दया आ गई ।।
(द) उपर्युक्त सभी

9- रेवती दूसरे आगंतुक के लिए खाना बनाने को तुरंत तैयार हो जाती है
(अ) वह स्वार्थी है ।।
(ब) दूसरा आगंतुक रेवती का भाई था ।।
(स) विश्वनाथ के विशेष निर्देश के कारण
(द) उपर्युक्त सभी

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top